अपने एक उपन्यास में आलोचना के दृष्टिकोणों को विशद करते हुए गजानन माधव मुक्तिबोध ने एक ऐसे अंतर्ग्रन्थित समीक्षा की जरुरत बताई है जो...
इस्लाम धर्मावलंबी रमज़ान उल-मुबारक के महीने के बाद एक मज़हबी ख़ुशी का त्यौहार मनाते हैं जिसे ईद उल-फ़ित्र कहा जाता है। ये यक्म शवाल...
आधी सूखी रोटी पे था
नमक भी कम पड़ रहा
माँ ने पूछा लाल से
कौन है ये रच रहा?
पेट की न आग बुझी
प्यास भी अब जल...
































