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राममय भारत ग्रंथ का लोकार्पण सम्पन्न

Karunashankar

महाकवि गोस्वामी तुलसीदास जयंती के सुअवसर पर ठाकुर इंजीनियरिंग कॉलेज, सभागार,कांदिवली पूर्व में केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल के हाथों राममय भारत ग्रंथ का लोकार्पण सम्पन्न हुआ। यह ग्रंथ श्रीभागवत परिवार के सौजन्य से प्रभात प्रकाशन, नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित हुआ है। इसके समन्वयक वीरेन्द्र याज्ञिक और संपादक प्रो.करुणाशंकर उपाध्याय हैं।

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इस अवसर पर पीयूष गोयल ने कहा कि भगवान श्रीराम के जीवन आदर्शों को अपनाकर हम एक श्रेष्ठ समाज की स्थापना कर सकते हैं और इस दिशा में राममय भारत एक महत्वपूर्ण कदम है। मोदी सरकार विरासत और विकास को साथ लेकर चल रही है। हमारा विकसित भारत रामराज्य के आदर्शों से परिचालित होगा।

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कार्यक्रम के आरंभ में पूर्व विधायक ठाकुर रमेश सिंह ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर प्रख्यात भागवताचार्य भूपेंद्र भाई पंड्या ने कहा कि राम धर्म, संस्कृति और राष्ट्र रक्षा के उच्च आदर्श हैं हम उनके आदर्शों पर चलकर ही आगे बढ़ सकते हैं। हमें राम की भाँति एक शर साधक होना पड़ेगा।वीरेन्द्र याज्ञिक ने ग्रंथ का परिचय दिया और मुंबई विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के वरिष्‍ठ प्रोफेसर डाॅ.करुणाशंकर उपाध्याय ने कार्यक्रम का संचालन किया।

Karunashankar इस अवसर पर ठाकुर जितेंद्र सिंह, डाॅ.शीतला प्रसाद दुबे, प्रभात प्रकाशन के प्रबंध निदेशक प्रभात कुमार उपस्थित थे । पी.पी. सवानी विश्वविद्यालय,सूरत के प्रोवोस्ट कुलपति डाॅ.पराग संघानी ने कार्यक्रम के अंत में उपस्थित अतिथियों का आभार माना ।श्री भागवत परिवार की ओर से सुरेन्द्र विकल, एस.पी.गोयल, सुनील सिंघल समेत भारी संख्या में साहित्य प्रेमी, प्राध्यापक एवं छात्र उपस्थित थे।

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कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में प्रख्यात अभिनेता शेखर सेन ने गोस्वामी तुलसीदास के जीवन और सृजन की कलात्मक प्रस्तुति एकल अभिनय द्वारा की। उनके अभिनय एवं गायन ने न केवल खचाखच भरे सभागार के दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया अपितु तुलसीदास की जीवन त्रासदी की मार्मिक प्रस्तुति द्वारा लोगों को रुला भी देते हैं। इस सत्र का संचालन पूनम बूधिया ने किया। अंत में सुरेन्द्र विकल ने उपस्थित अतिथियों एवं शेखर सेन के प्रति आभार प्रकट किया।

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