तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों को रद करने की मांग को लेकर दिल्ली-एनसीआर के चारों बॉर्डर (सिंघु, टीकरी, गाजीपुर और शाहजहांपुर) पर बड़ी संख्या में किसानों का धरना प्रदर्शन जारी है। इस बीच आंदोलनकारी किसान बृहस्पतिवार को होने वाले रेल रोको आंदोलन की तैयारी में जुट गए हैं। रेल रोकने पर राकेश टिकैत ने पत्रकारों से कहा कि गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहा धरना-प्रदर्शन पूर्व की तरह ही जारी रहेगा।
घर के मुखिया के धरने पर जाने से परिवार के अन्य लोग खेती संभाल रहे हैं. एक महीने बाद गेहूं की फसल कटाई के लिये तैयार है. इससे किसान परिवारों की परेशानी और बढ़ती दिख रही है. एबीपी ने इसी सिलसिले में कुछ किसानों से बातचीत की.
किसान प्रदीप कुमार ने बताया कि कि उनके परिवार के सभी आदमी खेती में हैं, जबकि वह दिल्ली में चल रहे धरने पर बैठे हैं. वो कहते हैं कि उनकी गन्ने की फसल का पैसा रोक दिया गया है. पिछले साल भी राशि नहीं मिली थी, जिसके चलते समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, किरणवती ने बताया कि दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में उनके परिवार के सभी सदस्य शामिल हैं. इस कारण उन्हें सारा काम देखना पड़ रहा है.

































