चित्रा मुद्गल संचयन का लोकार्पण सम्पन्न

चित्रा मुद्गल

गत दिनों मुंबई विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुंबई विश्व विद्यालय के हिंदी विभाग के प्रोफेसर एवं अध्यक्ष डॉ.करुणाशंकर उपाध्याय द्वारा संपादित ग्रंथ ‘ चित्रा मुद्गल संचयन’ का लोकार्पण सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर विजयशंकर प्रसाद, डॉ.अशोक प्रियदर्शी, डॉ.करुणाशंकर उपाध्याय, मुंबई विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.सुहास पेडणेकर, साहित्य अकादमी भारत सरकार के पूर्व अध्यक्ष डॉ.विश्वनाथ प्रसाद तिवारी, प्रख्यात लेखिका चित्रामुद्गल और बी.एच.यू.के प्रोफेसर डॉ.अवधेश प्रधान उपस्थित थे।

यह महाकाय ग्रंथ ‘आवां’ उपन्यास की भांति 544 पृष्ठों का है, जिसमें डॉ.उपाध्याय के 28 पृष्ठों के संपादकीय के अलावा चित्रामुद्गल के उपन्यास, कहानी, लघुकथा, यात्रा, कथात्मक रिपोर्ताज, शब्द और मैं, आख्यान और वक्तव्य, संस्मरण, लेख, बाल उपन्यास, बाल कहानी, स्तम्भ लेखन, भूमिका और कविता समेत चौदह खंड हैं। अंत में परिशिष्ट के अंतर्गत चित्रा मुद्गल का विस्तृत परिचय दिया गया है। डॉ.उपाध्याय ने बताया कि यह ग्रंथ  उनके दो वर्षों की साधना की फलश्रुति है, जिसे सामयिक प्रकाशन नयी दिल्ली ने प्रकाशित किया है।

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